भारत का इतिहास

भारत का इतिहास
हां इतिहास। पड़ा है हमने बुज्रगों से सुनी कहानी है
प्रचंड अग्नि में झुलस रही थी वो मां भारती हमारी थी
काले बादल उमड़ रहे थे अधिन्यारा था भरी दुपहरी
कर उत्सर्ग जीवन का वीरों ने ज्योति प्रज्ज्वलित भारत में की थी
और हथियार उठा कर वीरों ने मां भारती की आन बचाई
हां इतिहास।।।।।।।।।।।।।।
।करें नमन हम उन शहीदों को जिनके प्राणों के उत्सर्ग से
नव जीवन भारत में आया पुनः पुनः पावन दिन आया
यह सौभाग्य हमारा है इस पावन ज्योति में हमने
चक्षु अपने खोलें हैं और आजादी को जिया है
हां इतिहास।।।।।।।।।।।।।।।।।।
स्वाधीनता भारत की देख खुश होती पुरखों की आत्मा
किंतु आहत होती आत्मा अपराध पनपते भारत में
आज सैकड़ों रावण यहां मान नहीं यहां सीता का
सच्चाई को न्याय नहीं यहां झूठ की काली स्याही है
हां इतिहास।। ।।।।।।।।
कहती है पुखों की आत्मा आजाद तभी होगा भारत
स्वेत रंग का बादल हो अंबर न हो काजल रंग कलौ सच्चाई की फैले तमस न हो अन्याय का
मानव से मानव प्रेम करे सौहार्द की यहां बरसाते हो
हां इतिहास।।।।।।।।।।।।।।