अल्मोड़ा विधानसभा में खस्ताहाल सड़को की दशा सुधारने की मांग को लेकर मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग के कार्यालय में 1 मई को धरना प्रदर्शन करेंगे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बिट्टू कर्नाटक
*अल्मोड़ा विधानसभा में खस्ताहाल सड़को की दशा सुधारने की मांग को लेकर मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग के कार्यालय में 1 मई को धरना प्रदर्शन करेंगे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बिट्टू कर्नाटक*
अल्मोड़ा-उत्तराखण्ड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक द्वारा आज जिलाधिकारी अल्मोड़ा के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड को ज्ञापन प्रेषित करते हुए कहा गया कि अल्मोड़ा जनपद के विधानसभा अल्मोड़ा की सड़कें जो लोक निर्माण विभाग के अधीन हैं लम्बे समय से सुधारीकरण/मरम्मत का कार्य न होने से दयनीय स्थिति में हैं।उन्होंने कहा कि विभाग की उदासीनता/लापरवाही के कारण अल्मोड़ा शहर की आन्तरिक सड़कों लोअर माल रोड-गैस गोदाम-माल रोड,रानीधारा मार्ग,एन.टी.डी.से बीरशिवा मार्ग,खत्याडी से मेडिकल कालेज,गरगूढ से स्यालीधार,चौंसली-कोसी, बाडेछीना-शेराघाट गैराड से कलौन (धौलछीना),बेतालेश्वर-स्यालीधार,लोधिया- चौमू-कपिलेश्वर,खूंट-ज्योली,हरडा शीतलाखेत के बदहाल मार्ग सुधारीकरण/मरम्मत/डामरीकरण तथा कुछ नये मार्ग भूमि का मुआवजा वितरित न होने के कारण निर्माण कार्य की प्रतीक्षा में हैं।श्री कर्नाटक ने बताया कि पूर्व में भी अनेकों ज्ञापन सरकार व लोक निर्माण विभाग को प्रेषित किये गये।जिसमें स्पष्ट कर दिया गया था कि यदि दिनांक 30.04.2023 तक उपरोक्त कार्य सम्पादित नहीं होते हैं तो उन्हें विवश होकर स्थानीय नागरिकों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होना पडेगा।उन्होेंने कहा कि आज दिनांक तक सड़कों के सुधारीकरण/मरम्मत/डामरीकरण तथा नये मार्गों के निर्माण में सरकार व विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई।जिस कारण उन्हें पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत दिनांक 01मई 2023 को मुख्य अभियंता,लोक निर्माण विभाग के कार्यालय में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होना पड़ रहा है।श्री कर्नाटक ने सरकार/लोक निर्माण विभाग को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि इस एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन के बाद वे उपरोक्त कार्यों के निस्तारण हेतु चार माह का समय पुनः दे रहे हैं।तदुपरान भी यदि सड़कों की स्थिति यथावत बनी रहती है
तो वे 01 सितम्बर 2023 से आमरण अनशन (भूख हड़ताल)पर बैठेंगे जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार व लोक निर्माण विभाग की होगी।उनके द्वारा इसकी सूचना विभाग के अधिकारियों को भी प्रेषित कर दी गयी है।